10 जगह जो आपको दिल्ली में ज़रूर देखनी चाहिए

10 जगह जो आपको दिल्ली में ज़रूर देखनी चाहिए

दिल्ली में यात्रा करने के लिए शीर्ष 10 स्थान

  • लाल किला
  • जामा मस्जिद
  • चांदनी चौक
  • स्वामीनारायण अक्षरधाम
  • हुमायूँ का मकबरा
  • लोधी गार्डन
  • क़ुतुब मीनार
  • गांधी स्मृति और राज घाट
  • इंडिया गेट
  • लोटस मंदिर

10लाल किला:-

Red Fort

लाल किला एक ऐसी विरासत ईमारत है जिसे किसी परिचय की आवश्यकता नही है. लाल किला दिल्ली का सबसे प्रसिद्ध स्मारक है जो मुग़ल युग से वर्तमान तक अपनी समर्धि की लिए खड़ा है. यह भारत देश की आजादी का प्रतिक है. लाल किले का निर्माण पांचवें मुगल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी राजधानी आगरा से वहाँ स्थानांतरित करने के लिए 1638 में करवाया था. लाल किला अपनी बेहतरीन कारीगरी और शानदार बनावट के लिए विश्व भर में जाना जाता है। यह भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। हर साल कई पर्यटक लाल किले की खूबसूरती निहारने आते है. हर शाम को लाल किले पर एक घंटे का साउंड और लाइट शो आयोजित किया जाता है।

स्थान: पुरानी चांदनी चौक, पुरानी दिल्ली।

समय: सूर्योदय से सूर्यास्त तक। सोमवार को बंद।

9जामा मस्जिद:-

Jama Masjid

जामा मस्जिद भारत की सबसे प्रसिद्ध और विशालकाय मस्जिदों में से एक है. यह दिल्ली शहर का एक अद्भुत खजाना है. इस मस्जिद का निर्माण मुगल शासक शाहजहाँ ने 1644 और 1656 के बीच करवाया था. इस मस्जिद के आँगन में लगभग 25,000 लोग एक साथ आ सकते है. मस्जिद की छत पर तीन गुम्बद भी है जो दो मीनारों से घिरे हुए है. इसके फर्श पर तक़रीबन 899 काली बॉर्डर बनी हुई है. आप जब भी जामा मस्जिद का दौरा करे तब सुनिश्चित करें की उचित रूप से कपड़े पहने. मतलब मस्जिद में जाने पर आपके सिर, पैर और कंधे ढके हुए होने चाहिए. वहां पर पोशाकें भी उपलब्ध है.

स्थान: लाल किले के पास, चांदनी चौक, पुरानी दिल्ली के सामने।

8चांदनी चौक:-

Chandni Chowk Dilli

चांदनी चौक दिल्ली के सबसे पुराने और व्यस्त बाजारों में से एक है. 17 वीं शताब्दी में चांदनी चौक भारत के मुगल सम्राट शाहजहां द्वारा बनाया गया था, और इस बाज़ार का डिजाइन उनकी बेटी जहांआरा ने तैयार किया गया था। यह बाज़ार वर्तमान में उखड़ा हुआ और भीड़भाड़ वाला है, लेकिन पूरी तरह से मनोरम भी है। इस बाज़ार की संकीर्ण घुमावदार गलिया है जिनमे सस्ते कपड़े, गहने और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान मिलते है. चांदनी चौक बाज़ार स्ट्रीट फूड के लिए भी प्रसिद्ध है.

स्थान: पुरानी दिल्ली, लाल किले के पास और जामा मस्जिद।

7स्वामीनारायण अक्षरधाम:-

Swami Narayan Temple

दिल्ली में स्थित स्वामिनारायण अक्षरधाम मन्दिर एक आकर्षक अनोखा सांस्कृतिक तीर्थ स्थल है। इस धाम का निर्माण ज्योतिर्धर भगवान स्वामिनारायण की पुण्य स्मृति में के रूप में करवाया गया है. 2005 में, इसे जनता के लिए खोल दिया गया. अक्षरधाम मन्दिर को गुलाबी, सफेद संगमरमर और बलुआ पत्थरों के मिश्रण से बनाया गया है। इसके अलावा, इस मंदिर में हरे-भरे विशाल उद्यान और कई आकर्षक मूर्तिया भी स्थापित है। मंदिर परिसर में कैमरा और मोबाइल फ़ोन ले जाने की अनुमति नही है.

स्थान: राष्ट्रीय राजमार्ग 24, नोएडा मोर, नई दिल्ली के पास

समय: सुबह 9.30 बजे से शाम 6.30 बजे तक (अंतिम प्रविष्टि)। सोमवार को बंद।

6हुमायूँ का मकबरा:-

Humayuns Tomb

1570 में, हुमायूँ के मकबरे का निर्माण हुआ था. भारत में मुगल वास्तुकला का प्रथम उदाहरण हुमायूँ का मकबरा ही है। यह ताजमहल जैसा दिखता है ताजमहल को बनाने की प्रेरणा इसी से मिली थी. इस मकबरे में दुसरे मुगल बादशाह हुमायूं की कब्र थी। हुमायूँ की कब्र के अलावा उसकी बेगम हमीदा बानो तथा बाद के सम्राट शाहजहां के ज्येष्ठ पुत्र दारा शिकोह और कई उत्तराधिकारी मुगल सम्राटो की कब्र है। 1939 में, इस इमारत को युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।

स्थान: निजामुद्दीन पूर्व, नई दिल्ली। निजामुद्दीन स्टेशन के पास।

समय: सूर्योदय से सूर्यास्त तक, दैनिक।

5लोधी गार्डन:-

Lodhi Garden

लोधी गार्डन दिल्ली का सबसे आकर्षक और सुंदर गार्डन है जो दिल्ली शहर के दक्षिणी मध्य इलाके में स्थित है. अगर आप शहर की भीड़भाड़ से कही एकांत में शांति से सुकून भरी सांस् लेना चाहते है तो आप लोधी गार्डन में ठहर सकते है. ब्रिटिश काल में इस बाग का नाम लेडी विलिंगटन पार्क था। यहां के उद्यान के बीच-बीच में लोधी वंश के मकबरे हैं और उद्यान में फव्वारे, तालाब और कई प्रकार के फूल उगे हुए है.

स्थान: लोधी रोड, हुमायूँ के मकबरे से ज्यादा दूर नहीं।

समय: सूर्योदय से रात 8 बजे तक।

4क़ुतुब मीनार:-

क़ुतुब मीनार ईंट से बनी विश्व की सबसे ऊँची मीनार है। यह ईमारत इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का एक अद्भुत और अविश्वसनीय उदाहरण है। इस ईमारत को लाल बलुआ पत्थर से बनाया गया है, जिस पर कुरान की आयतों की एवं फूल बेलों की महीन नक्काशी की गई है. क़ुतुब मीनार को बनाने के पीछे का कारण अभी तक रहस्य ही है. कुछ लोगो का मानना है भारत में विजय और मुस्लिम शासन की शुरुआत को इंगित करने के लिए बनाया गया था, जबकि कुछ लोगो का कहना हैं कि इसका इस्तेमाल विश्वासियों को प्रार्थना करने के लिए किया गया था। इस बेहतरीन ईमारत को युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर के रूप में स्वीकृत किया गया है।

Qutub Minar

 

स्थान: महरौली, दक्षिणी दिल्ली

समय: सूर्योदय से सूर्यास्त तक, दैनिक।

3गांधी स्मृति और राज घाट:-

दिल्ली शहर में यमुना नदी के पश्चिमी किनारे पर महात्मा गांधी की समाधि स्थल स्थित है। यह समाधी स्थल काले संगमरमर से बना हुआ है. गांधी जी की स्मृति स्थल पर आप उनकी यात्रा को देख सकते है, जहां उन्होंने  स्नेहपूर्वक राष्ट्रपिता के रूप में संदर्भित किया था. 30 जनवरी, 1948 को उनकी नाथूराम गोडसे द्वारा हत्या कर दी गई थी। जहां पर वे प्रार्थना करते और सामूहिक रूप से सभा करते थे दोनों ही स्थल आम जनता के लिए खुले हुए है. यहाँ उनकी मूर्तियां, पेंटिंग और शिलालेख भी प्रदर्शित हैं।

Raj Ghar Gandhiji

स्थान: 5 टीस जनवरी मार्ग, सेंट्रल नई दिल्ली।

समय: सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक। सोमवार को बंद।

2इंडिया गेट:-

India Gate

नई दिल्ली में इंडिया गेट भारत के प्रसिद्ध स्थलों में से एक है. यह स्वतन्त्र भारत का राष्ट्रीय स्मारक है.इंडिया गेट को अखिल भारतीय युद्ध स्मारक कहा जाता है. इसका निर्माण 1931 में, उन 9000 भारतीय सैनिकों की स्मृति में किया गया था जो ब्रिटिश सेना में भर्ती होकर प्रथम विश्वयुद्ध और अफ़ग़ान युद्धों में शहीद हुए थे।  यह लाल और पीले बलुआ पत्थरों से बना हुआ है. इंडिया गेट दिल्ली के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है. हर शाम यहा काफी भीड़ रहती है.

स्थान:- कनॉट प्लेस के पास राजपथ

समय:- हर समय खुला।

1लोटस मंदिर:-

Lotus Temple

उसे बहाई मंदिर को आमतौर पर लोटस टेम्पल कहा जाता है, क्योंकि यह कमल के फूल के आकार का है। यह रात में विशेष रूप से सुंदर होता है जब यह आकर्षक रूप से जगमगाता है। सफेद संगमरमर से ढंके कंक्रीट से निर्मित, मंदिर बहाई आस्था का है, जो सभी लोगों और धर्मों की एकता की घोषणा करता है। वहां सभी का स्वागत है। भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित कमल मंदिर अपने आप में एक अनूठा मंदिर है। यह कमल के फूल के आकर का बना हुआ है. यहाँ पर विभिन्न धर्मों से संबंधित विभिन्न पवित्र लेख पढ़े जाते हैं। रात में यह बहुत ही खुबसूरत दिखता है और आकर्षक रूप से जगमगाता है। कमल मंदिर में प्रतिदिन देश और विदेश के लगभग आठ से दस हजार पर्यटक आते हैं। यहाँ का शांत वातावरण प्रार्थना और ध्यान के लिए सहायक है।

स्थान: नेहरू प्लेस, दक्षिणी दिल्ली के पास।

समय: सुबह 9.00 बजे से सूर्यास्त तक। सोमवार को बंद।

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