जयपुर में यात्रा करने के लिए शीर्ष 10 स्थान

जयपुर में यात्रा करने के लिए शीर्ष 10 स्थान

जयपुर में यात्रा करने के लिए शीर्ष 10 स्थान:-

  • आमेर महल और पैलेस
  • सिटी पैलेस
  • हवा महल
  • जंतर मंतर वेधशाला
  • नाहरगढ़ किला
  • जयगढ़ किला
  • बाजार और खरीदारी
  • अल्बर्ट हॉल
  • बगरू गाँव
  • एलीफेंटास्टिक

10आमेर महल और पैलेस:-

Amer Fort in Jaipur

आमेर महल जयपुर के प्रमुख आकर्षक पर्यटक स्थलों में से के है. आमेर महल जयपुर शहर के केंद्र से 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह महल अपनी आन, बान, और शान को लिए अरावली पहाड़ी की चोटी पर खड़ा हुआ है. आमेर किले का निर्माण 16 वीं शताब्दी में राजा मानसिंह प्रथम द्धारा करवाया गया था। जयपुर के राजपूत शासक इसी महल में निवास करते थे. अनूठी वास्तुशैली और शानदार संरचना के कारण यह महल हर साल कई पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है. इसमें बने ऐतिहासिक महल, हॉल, बगीचे, जलाशय एवं सुंदर मंदिर महल की भव्यता में चार चाँद लगा देते है. किले के अंदर बना शीश महल काफी लोकप्रिय है. किले के पास एक अनोखा संग्रहालय है जो आकर्षण का केंद्र है. यहाँ पर संध्या का साउंड और लाइट गौरवपूर्ण एवं समृद्ध इतिहास की याद दिलवाता है। आप अपनी आमेर किले की यात्रा की योजना पूरी गाइड के साथ बनाये.

स्थान: जयपुर का उत्तर। आमेर जाने के लिए हवा महल से किले तक बसे जाती है. टैक्सी भी उपलब्ध हैं।

समय: सुबह 8 बजे से शाम 5.30 बजे तक। दिन के दौरान, और शाम 7 बजे। रात 10 बजे तक। रात को। ध्यान दें कि सुबह 11.30 बजे तक ही हाथी की सवारी संभव है।

9सिटी पैलेस:-

City Palace

जयपुर का शाही परिवार भारत के सबसे अमीर परिवारों में से एक था. यह शाही परिवार आज भी कृपालु चंद्र महल में निवास करता है. सिटी पैलेस जयपुर शहर के मध्य-उत्तरपूर्वी भाग में स्तिथ है.  सिटी पैलेस के परिसर और इमारतो में राजस्थानी और मुगल दोनों वास्तुकला का मिश्रण है. इस पैलेस की भव्यता वाकई ही निहारने लायक है. सिटी पैलेस में आकर्षक संग्रहालय, मुबारक महल, आर्ट गैलरी और शाही वेशभूषा और पुराने भारतीय हथियारों का मनोरम प्रदर्शन है. हाल ही में, महल की महिला की पुरानी तस्वीरे पेंटिंग और फोटोग्राफी के लिए समर्पित एक नए प्रदर्शन में शामिल की गयी है. सिटी पैलेस में  रात को दौरा भी करे शाम को एक उत्कृष्ट ध्वनि और प्रकाश शो आनंद ले.

स्थान: पुराना शहर, जयपुर

समय: रोज सुबह 9.30 बजे से शाम 5 बजे तक। और शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक।

8हवा महल:-

Hawa Mahal

हवा महल जयपुर की सबसे बेहतरीन स्मारकों में से के है इसमें मुगल और राजपूत शैली का सम्मलित मिश्रण देखने को मिलता है. यह 5 मंजिला ईमारत है, हवा महल का मतलब है “हवा का महल”. इस महल का निर्माण महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने सन् 1799 में करवाया था. हवा महल में 953 छोटे-छोटे झरोखे और खिड़कियां है जिनमे माध्यम से महल में ताज़ी हवा आती है. हवा महल को बनाने का तात्पर्य था की शाही घर की महिलाओ अपनी पर्दा प्रथा का पालन करके हुए हवा महल के झरोखों से शहर के समारोह और रोजमर्रा की जिन्दगी को देख सके. हालाँकि, वर्तमान में महल की खिडकियों के बंद कर दिया गया  है. महल लाल और गुलाबी रंग के बलुआ-पत्थरों से बना हुआ है.

स्थान: सिटी पैलेस के बगल में। भवन के पीछे से प्रवेश करें।

समय: रोज सुबह 9 बजे से शाम 4.30 बजे तक।

7जंतर मंतर वेधशाला:-

Jantar Mantar in Jaipur

जंतर मंतर वेधशाला का शाब्दिक अर्थ “गणना यंत्र” है। जंतर-मंतर वेधशाला का निर्माण सवाई जयसिंह द्वारा सन 1626 से 1834 बीच करवाया गया था. जंतर-मंतर वेधशाला में दुनिया की सबसे बड़ी पत्थरो की दीवारघडी बनी हुई है और इसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साईट में भी शामिल किया गया है। इस वेधशाला में 14 प्रमुख यन्त्र हैं जो समय मापते है , ग्रहण की भविष्यवाणी करने सहायक है, किसी तारे की गति एवं स्थिति जानने में सहायक, सौर मण्डल के ग्रहों के दिक्पात जानने आदि में सहायक हैं। जंतर-मंतर राजस्थान का पहली और भारत की 23वीं सांस्कृतिक धरोहरों में शामिल है.

स्थान: सिटी पैलेस के बगल में, जयपुर

समय: रोज सुबह 9 बजे से शाम 4.30 बजे तक।

6नाहरगढ़ किला:-

Nahargarh fort

1734 में निर्मित नाहरगढ़ किले को जयपुर शहर की रक्षा के लिए बनाया गया था. इस किले को टाइगर किले के नाम से भी जाना जाता है. इस किले का नाम पहले सुदर्शनगढ़ था, लेकिन बाद में इसे बदलकर नाहरगढ़ किला कर दिया गया नाहरगढ़ किले से जयपुर शहर का अद्भुत दर्शन मनोबल लागता है और सूर्यास्त का समय नाहरगढ़ किले का द्रश्य बहुत ही आकर्षक हो जाता है. यहा राजस्थानी शैली से निर्मित इमारते, मूर्तिकला  पार्क, मोम संग्राहलय देखने लायक है. हाल ही में, नाहरगढ़ किले पर कई आकर्षक भोजन रेस्तरां भी खुले है. यहा के सरकारी कैफ़े भी है जो रात को 10 बजे तक शराब और नाश्ते की सुविधा प्रदान करता है. रात के समय किले की खूबसूरती दोगुना बढ़ जाती है.

स्थान: जयपुर शहर के केंद्र का उत्तर पश्चिम। स्थानीय बस, टैक्सी, या पहाड़ी से आधे घंटे की सीधी चढ़ाई द्वारा यहाँ पहुँचें।

समय: रोज सूर्योदय से सूर्यास्त तक। महल रोज सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक खुलता है।

5जयगढ़ किला:-

जयपुर शहर में अरावली पहाड़ी पर विशाल जयगढ़ किला एक भव्य सरंचना है. 1726 में, इस किले का निर्माण सवाई जय सिंह द्वितीय ने आमेर किले की सुरक्षा के लिए बनाया था. यह किला अपने सम्रध अतीत को बताता है. यह बलुआ पत्थर की मोटी दीवारों से बना हुआ है इसमें कई आकर्षक खास वास्तुशिल्प है जैसे विलास मंदिर, ललित मंदिर,  लक्ष्मी विलास और अराम मंदिर।

Jaigarh Fort Cannon

जयगढ़ किले में पहियों पर दुनिया की सबसे बड़ी तोप ‘जयवाना तोप’ है. जयगढ़ की प्रसिधी का यह मुख्य कारण है. तोप के कारण ही जयगढ़ पर कभी आक्रमण नही हुआ और यह किला अपनी समर्धि को बरकारार रखते हुते आज भी संरक्षित है। सैन्य संरचनाओं में यह किला एक मिसाल है. एक आनंदमयी अनुभव के लिए जयगढ़ की पहाड़ी पर चढ़े.

स्थान: जयपुर का उत्तर, आमेर किले के पीछे (पैदल दूरी के भीतर)।

 

समय: रोज सुबह 9 बजे से शाम 4.30 बजे तक।

4बाजार और खरीदारी:-

Shopping in Jaipur City

जयपुर शहर राजस्थान की पारम्परिक चीजों के लिए एक उत्कृष्ट स्थान है. यह खरीददारी के लिए एक अच्छा विकल्प है. जयपुर बाज़ार में आपको कई प्रकार के सामान मिल जायेगे. यहाँ की सबसे लोकप्रिय कुछ वस्तुए है जैसे सोने चांदी के गहने, लाख की चूड़िया, नीले मिटटी के बर्तन, चुंदरी प्रिंट और गोटा-पत्ती  के कपड़े, पारम्परिक सजावट के सामान इत्यादि. कपड़ो के लिए प्रमुख बाज़ार चांदपोल, छोटी चोपड़, बापू बाज़ार, पुरोहित जी का कटला और जोहरी बाज़ार है.

स्थान: मुख्य खरीदारी क्षेत्र एम आई रोड है। जोहरी बाजार, ओल्ड सिटी में, चूड़ियों, सस्ती पोशाक के गहने, सोने और चांदी के लिए प्रसिद्ध है। मनिहारों का रास्ता लाख चूड़ी बनाने वालों से भरा एक लेन है।

समय: रविवार को छोड़कर रोज बाज़ार खुला रहता है।

3अल्बर्ट हॉल:-

Albert Hall

अल्बर्ट हॉल राजस्थान का सबसे पुराना संग्रहालय है। 1887 में, इसे एक सार्वजनिक संग्रहालय के रूप में स्थापित किया गया था। यह लंदन में विक्टोरिया और अल्बर्ट संग्रहालय पर इस्लामी और नियो-गोथिक वास्तुकला के संयोजन से बना हुआ है. संग्रहालय का डिजाइन सन् 1876 में कर्नल सर स्विंटन जैकब ने तैयार किया था. अल्बर्ट हॉल के संग्रह में कालीन, मेटल और लकड़ी के शिल्प, खिलौने, गुडि़या, मिनिएचर पेंटिंग, शस्त्र और हथियार और मिस्त्र की एक ममी का दुर्लभ संग्रह यहां प्रदर्शित है। इसके अलावा, यहा स्थानीय राजाओं, वेशभूषा, लकड़बग्घा, चित्रों और कला और शिल्प के चित्र शामिल हैं। रात की इस संग्रहालय को रौशनी से जगमगया जाता है जो बहुत ही आनंदमयी द्रश्य होता है.

स्थान: राम निवास बाग, ओल्ड सिटी के दक्षिण में, जयपुर।

समय: रोज सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक। और शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक।

2बगरू गाँव:-

Bagru Village near Jaipur

बगरू गाँव लकड़ी की छपाई के लिए आकर्षण का केंद्र है। यह आम तौर पर ‘बगरू प्रिंट्स’ के रूप में भी जाना जाता है. बगरू गाँव जयपुर शहर के दक्षिण-पश्चिम में लगभग एक घंटे में की दुरी पर स्थित है. लकड़ी की छपाई के लिए विशेष तकनीक होती है इसलिए पसंदीदा डिज़ाइन को लकड़ी के ब्लॉक पर उकेरा जाता है. बगरू गाँव शिल्प पारिस्थितिक चेतना और पारंपरिक रंगों के उपयोग के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ के शिल्पकार कपड़े को प्रिंट करने के लिए हल्दी और प्राकृतिक और वनस्पति रंगों के साथ सरल और पर्यावरण के अनुकूल उपकरणों का उपयोग करते हैं। यदि आप पारंपरिक ब्लॉक प्रिंटिंग में रूचि रखते है तो आप बगरू गाँव का भ्रमण जरुर करे.

स्थान: 3 विनोबा मार्ग, सी-स्कीम, जयपुर।

समय:- दौरा सुबह चलता है।

1एलीफेंटास्टिक:-

Elephant Farm in Jaipur

एलीफेंटास्टिक में आप एक दिन के लिए भारत के कुछ बहुचर्चित हाथियों के साथ नज़दीकी और व्यक्तिगत  हो सकते है. यहा आपको हाथियों के बारे में कई प्रकार की जानकरी मिलेगी. 2012 में, इस हाथी अभयारण्य का पर्यटकों को दिखाने के लिए गठन किया गया था. यहा आप आप हाथियों को धोने, खिलाने और पानी देने में सक्षम होंगे, हाथी की सजावट के बारे में जानेंगे और एक पेंटिंग क्लास लगा सकते हैं. इसमें हाथी सफारी की सुविधा भी है। इसके अलावा, इसमें उन मेहमानों के लिए शिविर सुविधाएं भी हैं जो रुकना चाहते हैं। इस जगह पर आप सुबह 9 से शाम 5 बजे के बीच जा सकते हैं। एलीफेंटास्टिक जयपुर का सबसे सम्मानित और लोकप्रिय हाथी अभयारण्य है।

स्थान: 90 चंद्र महल कॉलोनी, दिल्ली रोड, आमेर, जयपुर (आमेर किले के पास)।

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