भारत के Top 10 मूर्तिकला कलाकार

भारत के Top 10 मूर्तिकला कलाकार

भारत देश अपनी संस्कृति, परंपरा,पहनावा, शैली, कला, साहित्य और अन्य कई चीजों के लिए विश्वभर में बहुचर्चित है. यह देश अपने आप में कई प्रतिभाओ और कलाकारों को समेटे हुए है. इस पोस्ट में हम बात कर रहे है भारतीय कला की. भारतीय कला दृश्य एक रोमांचक और जीवंत स्थान है, जो कलाकारों के साथ गुलजार है. यह कलाकार अपनी प्रतिभा, विचार, तकनीक और रचनात्मक कौशल से कला के साम्राज्य में अपनी विशिष्ट जगह बना रहे है। भारत में में कई ऐसे कलाकार है जिन्होंने ने कला के प्रति अपने प्रेम को आगे बढाते हुए खुद के लिए एक नक्काशी की है और उसे विकसित भी किया है. उन्होंने अपनी प्रतिभा और कला का प्रदर्शन भारत में ही नही बल्कि विश्व के कई देशो में किया है.

यहाँ भारत के सर्वश्रेष्ठ 10 मूर्तिकला कलाकारों की सूची है जिन्होंने कला के क्षेत्र में खुद को स्थापित किया है.

  • अनिश कपूर
  • सतीश गुजराल
  • जोजन चौधरी
  • नीरज गुप्ता
  • शिल्पा गुप्ता
  • परेश मैती
  • सुबोध केरकर
  • जतिन दास
  • भारती खेर
  • हिम्मत शाह

10  अनिश कपूर:

Sculpture artist Anish kapoor | top10thingshindi

अनीश मिखाइल कपूर प्रसिद्ध भारतीय ब्रिटिश मूर्तिकार हैं, वह स्थापना कला और वैचारिक कला के विशेषज्ञ है. उन्होंने अपने बेहतरीन काम से खुद को भारत के सबसे प्रसिद्ध मूर्तिकारो में स्थापित किया. उन्होंने अपनी स्कूल की शिक्षा के बाद आर्ट एंड डिज़ाइन की शिक्षा प्राप्त की और इसी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाया. उन्होंने कई प्रसिद्ध कलाओ का निर्माण किया है जैसे आर्क नोवा, ऑर्बिट (ओलंपिक पार्क), टीज़ वैली जायंट्स (जो दुनिया की पाँच सबसे बड़ी मूर्तियां हैं), डिस्बैम्बमेंट साइट, 56 लियोनार्ड स्ट्रीट और अन्य.  2006 में, उनके द्वारा निर्माण किये हुए ‘स्काई मिरर’ को रॉकफेलर सेंटर, न्यूयॉर्क शहर में स्थापित किया गया था। 2009 में, उन्होंने इटली के सबसे बड़े राष्ट्रीय उद्यान, पोलिनो नेशनल पार्क के लिए स्थायी साइट-विशिष्ट काम अर्थ सिनेमा  बनाया. 1991 में, उन्होंने अपनी अद्भुत कला के लिए टर्नर पुरस्कार प्राप्त किया. 2012 में, उन्हें भारत का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण से भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया . 2014 में, उन्हें ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।

9 सतीश गुजराल:

Sculpture artist satish gujral

सतीश गुजराल ने बहुमुखी प्रतिभाओ पर राज़ कर रखा है, वह भारत के प्रसिद्ध वास्तुकार, मूर्तिकार, चित्रकार और लेखक है. सतीश गुजराल का जन्म 25 दिसम्बर 1925 को झेलम(वर्तमान में पाकिस्तान) में हुआ था. मेयो स्कूल आफ आर्ट (लाहौर) और  जे. जे. स्कूल ऑफ़ आर्ट बाम्बे से अपनी सम्पूर्ण शिक्षा ग्रहण करने के बाद उन्होंने एक मूर्तिकार के रूप में भविष्य का कदम रखा. उन्होंने कई कलाओ की रचना और अनेक आवासीय भवनों, होटलों, विश्वविद्यालयों, उद्योग स्थलों और धार्मिक इमारतों की मोहक वास्तु परियोजनाएँ तैयार की हैं। 1952-1974 तक, उन्होंने अपनी मूर्तियों और चित्रकला को नयी दिल्ली, न्यू यॉर्क, टोक्यो, मोंट्रियल और बर्लिन में प्रदशित किया, उनकी ये कला भारत विभाजन के बाद की स्थिति पर आधारित थी. एक वास्तुकार के रूप  में उन्होंने नई दिल्ली में स्थित बेल्जियम के दूतावास का  डिजाईन बनाया जिसे ‘इंटरनेशनल फोरम ऑफ़ आर्किटेक्ट्स’ ने ’20वीं शदी की दुनिया की सबसे बेहतरीन इमारतों’ में शामिल किया। एक चित्रकार के रूप में उन्होंने लोक कथाओं, इतिहास, पुराणों, प्राचीन भारतीय संस्कृति और विविध धर्मों से प्रेरणा ली और उन्हें अपने चित्रों  में उतारा. उन्होंने अपनी चित्रकारी में पक्षियों और जीव-जन्तुओ को भी विशेष स्थान दिया है. सतीश गुजराल ने अपनी बेहतरीन प्रतिभाओ के लिए कई पुरुस्कार प्राप्त किये जैसे लियो नार्डो द विंसी पुरस्कार , पद्म भूषण, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ आर्किटेक्चर, आर्डर ऑफ़ क्राउन, इंटरनेशनल फोरम आफ आर्किटेक्ट्स, राष्ट्रीय पुरस्कारएन.डी.टी.वी. इंडियन ऑफ़ द इयर पुरुस्कार।

8 जोजन चौधरी:

Sculpture artist of india jojan choudhary | top 10 things hindi

जोजन चौधरी भारत के बहुचर्चित चित्रकार है, उन्हें 21 वीं सदी का भारत का एक महत्वपूर्ण चित्रकार माना जाता है. 1939 में, जोजन का जन्म बांग्लादेश के फ़रीदपुर में हुआ था. उन्होंने कोलकाता के गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ आर्ट एंड क्राफ्ट में स्नातक करनें के बाद खुद एक लोकप्रिय चित्रकार के रूप में स्थापित किया. उनकी कला की नब्ज और ताल एक आत्मीयता और प्रकृति के मेल से मिलती है। उन्होंने कई एकल और समूह प्रदर्शनियां आयोजित की हैं जैसे 1967 में,ऑइल पेंटिंग, गैलारी डू हाउट पाव, पेरिस, 1982 वाटर कलर पेंटिंग्स, बिथी आर्ट सेंटर, बड़ौदा, 1996 ड्रिंग्स एंड पेंटिंग्स, ग्लेनबरा आर्ट म्यूजियम, जापान के लिए गैलेरी फाउंडेशन, 1998 में रंगीन कागजात के साथ पेस्टल पेपर, 1998 में इंक और पेस्टल, 2002 ड्रॉइंग एंड पेंटिंग विद इंक एंड पेस्टल ऑन पेपर, 2007 में प्रस्तुत “अबाहोमन: फ्लोइंग लाइफ, 2012-13 ‘लिग्नेस डी मेडिटेशन, गैलरी वेद, और अन्य. जोजन चौधरी को अपनी अद्भुत चित्रकारी के लिए जूरी सदस्य, सिंगापुर बिएनले प्रदर्शनी कला, कालिदास सैनमन, द्विवार्षिक में पुरस्कार, प्रिक्स ले फ्रांस डी ला जीउन पिंट्योर, पेरिस से सम्मानित, फ्रेंच सरकार छात्रवृत्ति से सम्मानित किया गया.

7 नीरज गुप्ता:

Sculpture artist niraj gupta in kurta

नीरज गुप्ता भारत के प्रसिद्ध मूर्तिकार है, उन्होंने स्वयं को भारत के बहुचर्चित मूर्तिकारो में स्थापित किया है. एक मूर्तिकार के रूप में अपना भविष्य बनाने के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, दिल्ली से स्नातक किया. उन्होंने कई सार्वजनिक प्रदर्शनियां प्रदशित को जो लोकप्रिय है. उनकी सार्वजनिक प्रदर्शनियों में जंतर मंतर के पास एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर, साउथ ब्लॉक, विजुअल आर्ट गैलरी, सेंटोरिनी बिएनले, ग्रीस, इस्कुल्ट, इंडिया हैबिटेट सेंटर में काया कल्प, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर,  कलयुग, ललित कला अकादमी, नई दिल्ली और अन्य चित्रकारी शामिल है. 2017 में, उन्होंने फ्लोरेंस बेनेले के मूर्तिकला खंड में ग्यारह पुरस्कारों में सौ से अधिक विजेताओं में से दूसरा पुरस्कार प्राप्त किया। 2004 में, उन्होंने 28 वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी सरकार कला साहित्य पुरस्कार जीता। इसके अलावा, उन्होंने रजत पदक, सर्वश्रेष्ठ मूर्तिकार पुरस्कार, साहित्य कला परिषद पुरस्कार और सरकार कला साहित्य पुरस्कार प्राप्त किया.

6 शिल्पा गुप्ता:

Sculpture artist shilpa gupta

शिल्पा गुप्ता भारत के प्रसिद्ध समकालीन भारतीय कलाकार है. वह इच्छा और धर्म जैसे विषयों का पता लगाने के लिए वीडियो, प्रदर्शन, ध्वनि, और फोटोग्राफी का उपयोग करती हैं।  उन्होंने सर जे. जे. ललित कला स्कूल से मूर्तिकला में बीएफए प्राप्त किया और एक बेहतरीन कलाकार के रूप में खुद को स्थापित किया। उन्होंने कई एकल और समूह प्रदर्शनिया जैसे जहांगीर आर्ट गैलरी, संस टैचे गैलरी, आर्ट ऑन द पेवमेंट साक्षी गैलरी, विश्व संस्कृति सभा, बर्लिन, परमार्केट ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर, म्युजियम ऑफ कंटेम्पररी आर्ट, वर्ल्ड सोशल फोरम, 9 वां हवाना द्विवार्षिक, एल्बियन गैलरी, रेडी मेड, यवोन लैंबर्ट, ले लेबरैटो, नोट्स, डीवीर गैलरी और अन्य प्रस्तुत की. शिल्पा गुप्ता को उनकी अद्भुत कलाकारी के लिए ‘इंटरनेशनल आर्टिस्ट ऑफ़ द इयर’ अवार्ड, ट्रांसमेडियल अवार्ड, बिएनल अवार्ड, वाईएफएलओ टाइटन यंग वीमेन अचीवर्स अवार्ड और संस्कृती प्रतिष्ठान पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

5 परेश मैती:

legend Sculpture artist paresh maity of india | top10things

परेश मैती प्रसिद्ध और शानदार भारतीय चित्रकार है. उन्होंने अपने अद्भुत विचारो और बेहतरीन प्रतिभा को चित्र के रूप में उभारा. परेश मैती का जन्म पुरबा मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल में हुआ था। उन्होंने कोलकाता के गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ आर्ट एंड क्राफ्ट से फाइन आर्ट्स में स्नातक किया और अपने भविष्य को एक चित्रकारी की रूप में आकार दिया. परेश मैती का कहना है की पानी और रंग उनका दिल और आत्मा है. और लोगो का कहना है की वह जिस भी सतह को चुनते है वहा जादू पैदा करते है. उन्होंने केरल के बैकवाटर, वेनिस की नहरें, जिनेवा की झील और राजस्थान के रेत के टीलो पर अपना राज़ कर रखा है. उनकी अधिकतर पेंटिंग्स बोल्ड है और मजबूत रंग के साथ उनमें ग्राफिक की विशेषता भी है. उनके काम ब्रिटिश संग्रहालय और नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट, नई दिल्ली में प्रदशित है. उन्होंने भारत में सबसे लम्बी पेंटिंग बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया उनकी यह पेंटिंग 850 फीट से अधिक लंबी है। उन्होंने अपने चालीस वर्षो में 81 सोलो प्रदर्शनियां की हैं, जिनमे कुछ प्रसिद्ध प्रदर्शनियां आर्ट सेंट्रल, हांगकांग, ललित कला अकादमी, सहयोगी सुमुखा, सिडनी समकालीन कला सिडनी समकालीन कला मेला, टैगोर सेंटर और अन्य शामिल है ।

4 सुबोध केरकर:

subodh kerkar Sculpture artist of india

सुबोध केरकर भारत देश के प्रसिद्ध मूर्तिकार, चित्रकार और स्थापना कलाकार है साथ ही वह गोवा के निजी “आर्ट गैलरी संग्रहालय” के संस्थापक भी हैं।उन्होंने अपनी कलाओ का दक्षिण कोरिया, जर्मनी, स्विट्जरलैंड,ऑस्ट्रेलिया, दमकाऊ, नीदरलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल और जैसे देशों में प्रदर्शन किया है.  उन्होंने अपने भविष्य की शुरुआत एक जल-विज्ञानी के रूप में की थी लेकिन बाद में उन्होंने अन्य कलाओ में भी महारत हासिल की। 1987 में, उन्होंने गोवा के कैलंगुटे में अपनी खुद की आर्ट गैलरी शुरू करने का निर्णय लिया और इसे “केरकर आर्ट कॉम्प्लेक्स” का नाम दिया था. सुबोध की कुछ कलाओं में पेप्पर क्रॉस  और लंगर युक्त महासागर शामिल हैं। उन्हें एम्स्टर्डम के वान गॉग संग्रहालय और यूनिवर्सिटी ऑफ़ लंदन, भारत और विदेशों में व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया जाता हैं. अपनी अद्भुत और विस्मकारी चित्रकारी के लिए उन्होंने बुसान बिएनलेले पुरस्कार और कला अकादमी शो में प्रथम पुरुस्कार से सम्मानित किया गया.

3 जतिन दास:

famous Sculpture artist jatin das with paintings

जतिन दास प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार, मूर्तिकार, भित्ति चित्रकार, कुशल ग्राफिक कलाकार और कवि हैं।  हैं। वह हिंदी सिनेमा की अभिनेत्री नंदिता दास के पिता हैं। 1941, उनका जन्म  उड़ीसा में हुआ था. उन्होंने सर जे. जे स्कूल ऑफ़ आर्ट में कला विद्या प्राप्त की। उन्होंने प्रोफेसर एस.बी. पालसिकर के मार्गदर्शन में अपनी शिक्षा ग्रहण की. कला के प्रति उनकी बेजोड़ लगन ने उन्हें सबसे सम्मानित भारतीय कलाकारों में स्थापित किया. सबसे पहले उन्होंने कला विद्यालय की नई खुली गैलरी में अपने कामों को प्रदर्शित किया। उसके बाद, उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कला प्रदर्शनियों में भाग लिया। अपने पचास वर्षो के करियर में उन्होंने 68 से अधिक एकल प्रदर्शन किए हैं। उनके कई काम क्रिस्टीज, सोथबी और ओसियन जैसे प्रतिष्ठित नीलामी में नीलाम हुए हैं. उनकी कला की प्रदर्शनियाँ 1971 में पेरिस में द्विवेदीगण, 1975 में डेज़ेल और वर्ष 1978 में वेनिस की कला शामिल हैं। जतिन दास ने अपने बेहतरीन काम के लिए पद्म भूषण, भारत निर्माण पुरस्कार और उत्कल पुरस्कार प्राप्त किये.

2 भारती खेर:

bharti kher artist of india | top10thingshindi

फोटोग्राफी, मूर्तिकला, पेंटिंग और कोलाज पर आधारित कला को प्रस्तुत करने वाली भारती खेर एक प्रमुख भारतीय समकालीन कलाकार हैं. भारती खेर का जन्म लन्दन में रहने वाले एक भारतीय परिवार में हुआ था. उन्होंने लंदन में मिडिलसेक्स पॉलिटेक्निक में चित्रकला और डिजाइन की शिक्षा ग्रहण की. 1992 में, उन्होंने भारत का दौरा किया उसके कुछ समय बाद में भारत में ही रहने लगी. उन्होंने अपनी कला के माध्यम से भारतीय महिलाओं द्वारा अपने माथे पर पहनी जाने वाली बिंदी को पारंपरिक रूप से एक विवाहित महिला के संकेत के रूप में देखा जाता है. जो भारत में महिलाओं की बदलती भूमिकाओं का उल्लेख करती है, क्योंकि बिंदी ने अपने पारंपरिक अर्थ खो दिए और फैशन बन गई। भारती खेर ने कई तरह के काम किए हैं उनकी रचनाएँ समकालीन जीवन को प्रदर्शित करती हैं. उन्होंने कई एकल और समूह प्रदर्शनियो को प्रदशित किया है.

1 हिम्मत शाह:

himmat shah legend Sculpture artist of india | top10thingshindi

हिम्मत शाह भारत के प्रसिद्ध मूर्तिकार है इनकी कलाए आँख को चौकाने वाली होती है. हिम्मत शाह का जन्म 1933 में गुजरात में हुआ था. उन्होंने एम.एस. ललित कला संकाय में चित्रकला की शिक्षा का अध्यन किया. उसके बाद, वह जे. स्वामीनाथन द्वारा स्थापित किये गये एक लघु-कलाकारों के सामूहिक समूह के सदस्य बने. हिम्मत शाह और बाकी सदस्य ने अपने स्वयं के एजेंडों के साथ अपनी कलात्मक प्रथाओं को जारी रखा। उन्होंने सेंट जेवियर्स स्कूल अहमदाबाद में ईंट, सीमेंट और कंक्रीट में स्मारकीय भित्ति चित्रों को डिजाइन और निष्पादित किया।  उनकी कई एकल प्रदर्शनिया है जिनमे भगवा और बर्कले स्क्वायर गैलरी, जहाँगीर निकोलसन आर्ट गैलरी, नई दिल्ली में ‘मूर्तिकला, अनंत आर्ट गैलरी, श्रीधरानी गैलरी और मैक्स मुलर भवन प्रमुख है. उनकी बेहतरीन कलाकारी के लिए पुरुस्कारों जैसे कालीदास सम्मान, अखिल भारतीय ललित कला और शिल्प सोसाइटी (एआईएफएसीएस) पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

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